अल्मोड़ा। ग्राम पंचायत रैलापाली में हुई ग्रामीणों की बैठक में वक्ताओं ने रैलापाली को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर से लगे गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है जबकि दूरस्थ गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने चक्काजाम करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि रैलापाली में 90 प्रतिशत परिवार अनुसूचित जाति के रहते हैं। वह कृषि और पशुपालन से ही परिवार का भरण पोषण करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलित विरोधी निर्णय ले रही है। एक तरफ आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य में अनुसूचित जाति के गांवों को नगर पालिका में शामिल कर उनका आर्थिक शोषण करना चाहती है। रैलापाली को पालिका सीमा में शामिल करने के बाद ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के टैक्स अदा करने पड़ेंगे। इस कारण उन पर आर्थिक भार पड़ेगा।
उन्होंने रैलापाली को नगर पालिका में मिलाने पर चक्काजाम करने के साथ ही जन प्रतिनिधियों को गांव में घुसने नहीं देने की धमकी दी। अध्यक्षता प्रधान रिंकू आर्या ने और संचालन अंबी राम आर्य ने किया। बैठक में महेश चंद्र, उप प्रधान हरीश लाल, हीरा राम, नरेंद्र प्रसाद, रीता आर्या, देवेंद्र लाल, तारी राम, शिव लाल, जीवंती देवी, सुरेश लाल, नरेंद्र कुमार, चंदा, सोहन लाल, प्रेम लाल, हरीश चंद्र, नीमा देवी, बीना देवी, रमेश राम आदि मौजूद थे।