अल्मोड़ा। भारत-नेपाल सीमा के बीच महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के निर्माण में अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाइवे के अलावा चंपावत-पिथौरागढ़ और पनार-गंगोलीहाट राष्ट्रीय राज मार्गों का कई किमी हिस्सा भी डूब क्षेत्र में चला जाएगा। जिससे इन सड़कों में यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक सड़कों और पुलों का निर्माण करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पंचेश्वर बांध के निर्माण को लेकर पिछले कुछ दिनों से हलचल तेज हो गई है। नेपाल के कुछ गांवों के साथ ही कुमाऊं क्षेत्र के अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के 120 किमी क्षेत्र में प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के निर्माण में तीनों जिलों के करीब 134 गांव प्रभावित होंगे, यही नहीं कई नेशनल हाइवे और अन्य मोटर मार्ग एवं पुल भी डूब क्षेत्र में जा रहे हैं।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाइवे में घाट पुल से लगे करीब सात-आठ किमी लंबी सड़क भी डूब क्षेत्र में चली जाएगी। इसके साथ ही घाट पुल और इससे लगे घाट-चंपावत मार्ग का करीब पांच-छह किमी इलाका और पनार-गंगोलीहाट मोटर मार्ग का भी करीब छह-सात किमी का दायरा बांध के डूब क्षेत्र में आ जाने की आशंका है। इन सड़कों में पनार-गंगोलीहाट मोटर मार्ग का पुल भी डूब क्षेत्र में आ रहा है। इन प्रमुख मार्गों के बड़ा हिस्सा डूब क्षेत्र में जाने के कारण बांध के निर्माण से पहले ही वैकल्पिक सड़कों और पुलों का निर्माण करना पड़ेगा ताकि इन मार्गों पर यातायात प्रभावित नहीं हो। इधर भनोली के एसडीएम अवधेश सिंह ने बताया है कि घाट पुल से लगे नदी के पास के क्षेत्रों में स्थित अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग के कुछ हिस्से के भी डूब क्षेत्र में जाने की संभावना है। इससे संबंधित समस्याओं को लेकर लोग जनसुनवाई में अपनी बातें रख सकेंगे।