रानीखेत (अल्मोड़ा)। गर्मियां बढ़ने के साथ रानीखेत क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सुदूरवर्ती बंगोड़ा, चमड़खान, पिलखोली, रैली, टाना, कड़ाकोट, सिमलधार, जोग्याड़ी आदि के ग्रामीण पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। बताया जा रहा है कि योजनाओं के स्रोतों में पानी का जल स्तर गिर रहा है, जिस कारण आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
रानीखेत के पिलखोली क्षेत्र में जल संस्थान द्वारा हर तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन यहां भी ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। बंगोड़ा पेयजल योजना के स्रोत के जल स्तर में तेजी से गिरावट आ गई है। स्रोत में मात्र पांच एलपीएम पानी है, जिस कारण बंगोड़ा, जोग्याड़ी सहित तीन तोकों के लोग पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं।
चमड़खान, कड़ाकोट, रैली, टाना, सिमलधार सहित तमाम गांव पानी के लिए जूझ रहे हैं। इधर, चिलियानौला सहित आसपास के इलाकों में भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। एड़ी रूमा पेयजल योजना से जुड़े गांव बजीना, बजोल, कनार, टूनाकोट क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण शादी में भारी परेशानी हो रही है।