अल्मोड़ा। नगर पालिका क्षेत्र में नवसृजित वार्डों के विकास के लिए न तो सरकार और न ही नगर पालिका परिषद अब तक कोई ठोस नीति बना सकी है। इससे पालिका में शामिल किए गए नए क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं स्वच्छता, पथ प्रकाश, नालियों और रास्तों आदि का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को पालिका में शामिल होने की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है।
नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा में पूर्व में ग्यारह वार्ड थे। शासन द्वारा निकायों का परिसीमन करने के बाद दुगालखोला और रैलापाली नए वार्ड बनाए गए हैं। सरकार ने नए वार्डों का सृजन तो कर दिया, लेकिन इन वार्डों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अब तक कोई ठोस नीति तय नहीं की है, जिससे इन वार्डों में जनसुविधाओं का विकास नहीं हो पा रहा है।
नए शामिल किए गए क्षेत्रों में रास्तों, पथ प्रकाश, नालियों का निर्माण, सफाई व्यवस्था समेत अन्य समस्याएं व्याप्त हैं। जिनका अब तक नया पालिका बोर्ड भी समाधान नहीं कर पाया है, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों में पालिका और सरकार के खिलाफ नाराजगी है। पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर प्रसाद ने बताया कि नए शामिल किए गए क्षेत्रों में कूड़े के एकत्रीकरण के लिए कंटेनर लगाए गए हैं। हर तीसरे दिन इन क्षेत्रों से कूड़ा उठाया जा रहा है। रात्रि पथ प्रकाश के लिए संबंधित क्षेत्रों में स्थित पोलों में बल्ब लगाए गए हैं। शासन से धनराशि अवमुक्त होने पर नए शामिल किए गए क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएंगी।