अल्मोड़ा। उद्यान विभाग जिले में जैविक खेती के लिए काश्तकारों को प्रोत्साहित कर रहा है और सरकार बर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने के लिए काश्तकारों को 75 फीसदी अनुदान दे रही है। जिले में इस बार 267 बर्मी कंपोस्ट यूनिटें स्थापित होंगी। इससे जिले में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
पिछले कुछ वर्षों से पर्वतीय इलाकों में भी रसायनिक खादों का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। रसायनिक खादों का प्रचलन कम करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं संचालित की हैं, ताकि काश्तकार जैविक खेती को बढ़ावा दें। राज्य सेक्टर से जिले में 30 बर्मी कपोस्ट यूनिटें स्वीकृत हुई हैं। दस फुट लंबे, आठ फुट चौड़े और 2.5 फुट गहरे बर्मी कपोस्ट यूनिट की कुल लागत 33300 रुपये है। जिसमें सरकार काश्तकारों को 75 फीसदी अनुदान देती है। कुल लागत का 24,997 रुपये सरकार वहन करती है, जबकि 25 फीसदी (8303 रुपये) काश्तकारों को वहन करने होते हैं।
वहीं इस वर्ष मनरेगा योजना के तहत जिले में 237 वर्मी कंपोस्ट यूनिटें भी बनाई जाएंगी। मनरेगा योजना से भी बर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने वाले काश्तकारों को 75 फीसदी अनुदान मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी त्रिलोकी नाथ पांडे ने बताया कि जिले के ग्रामीण इलाकों में बर्मी कंपोस्ट यूनिटें स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया है। एक यूनिट में तीन माह में करीब 50 क्विंटल जैविक खाद उत्पादित होती है।