द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पांडवखोली गुफा के पास संत मृणालकांत भट्टाचार्य तपस्थली के समीप स्थित शिला और हवन कुंड को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने वाले मामले में ग्रामीणों और योगदा सत्संग सोसायटी के बीच प्रशासन की मध्यस्तता में समझौता हो गया है।
समझौते की पुष्टि करते हुए उप जिलाधिकारी रजाअब्बास ने बताया कि ध्वस्त शिला और हवन कुंड को एक माह के भीतर पूर्व की भांति स्थापित करने सहित चार बिंदुओं पर समझौता हुआ है। तय हुआ कि कुटिया आदि को पूर्व की भांति निर्मित किया जाएगा, कुटिया वाले स्थान पर भागवत कथा तथा सौंदर्यीकरण के कार्यों पर रोक नहीं होगी। तय हुआ कि गुफा की सुरक्षा के लिए लोहे का गेट लगाया जाएगा। बैठक में कैलाश भट्ट, हेम रावत, रतखाल के प्रधान सुरेश शर्मा, आनंद बिष्ट, जोगाराम, नंद राम, हिम्मत सिंह, रामसिंह, कृपाल नेगी, बिशन सिंह, पंकज पपनै, नंदन सिंह, पटवारी प्रकाश पांडे, योगदा सत्संग सोसायटी के प्रतिनिधि संजीव अरोड़ा, नारायण रावत, बीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।