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बंदरों की नसबंदी के लिए मिले 50 लाख रुपये

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अल्मोड़ा। अब लगता है बंदरों की नसबंदी का काम जल्द शुरू हो जाएगा। वन विभाग को बंदरबाड़े के लिए उपकरणों और बंदरों को पकड़ने के लिए लगाए जाने वाले पिंजरों की खरीद के लिए डेढ़ करोड़ रुपये में से 50 लाख रुपये मिल चुके हैं। वन विभाग फिलहाल पुराने आपरेशन थियेटर में ही बंदरों की नसबंदी का काम शुरू कर देगा।
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सिविल सोयम विभाग नेे कुछ साल पहले एनटीडी में प्रस्तावित आपरेशन थियेटर और उपकरण खरीदने की योजना बनाई थी। लगातार प्रयास के बाद भी बंदरों की नसबंदी के लिए एनटीडी में प्रस्तावित आपरेशन थियेटर और उपकरण के लिए शासन से बजट नहीं आने के कारण बंदरों की नसबंदी का काम लंबे अर्से से रुका हुआ था, लेकिन उपकरण और पिंजरे की खरीददारी के लिए अब वन विभाग के पास 50 लाख रुपये आ चुके हैं। हालांकि यह पैसे योजना के डेढ़ करोड़ रुपये में से काफी कम हैं लेकिन विभाग ने इन पैसों से उपकरणों की खरीदारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही पहले चरण में बंदर पकड़ने के लिए 15 पिंजरे भी खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा बंदरों की नसबंदी के लिए डॉक्टरों को प्रशिक्षण भी दिया जाना है। जिसके लिए उन्हें 15 दिन की ट्रेनिंग के लिए शिमला या हरिद्वार भेजने की तैयारी है। इसके बाद बंदरों की नसबंदी का काम भी शुरू हो जाएगा। नए आपरेशन थियेटर के निर्माण का काम पैसा आने के बाद शुरू किया जाएगा। मालूम हो कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आतंक काफी गहराने लगा है। हाइकोर्ट में भी चार साल पहले स्कूली बच्चों ने पत्र भेजकर बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मार्मिक अपील की थी।

डीएफओ सिविल सोयम आरसी शर्मा ने बताया कि 50 लाख रुपये उपकरणों की खरीद के लिए मिल चुके हैं। जिसके बाद जल्द ही पुराने आपरेशन थियेटर में बंदरों की नसबंदी का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले डॉक्टरों को भी 15 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। 15 फरवरी या इससे पूर्व ही बंदरों की नसबंदी का भी काम शुरू हो जाएगा।
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