अल्मोड़ा। भारत और नेपाल के बीच महाकाली नदी पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध के निर्माण से अल्मोड़ा के 21 गांव प्रभावित होने की संभावना के मद्देनजर निरीक्षण दल ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही जन सुनवाई की तिथि भी 17 अगस्त को धौलादेवी ब्लॉक में तय कर दी गई है। बांध के लिए सबसे ज्यादा पिथौरागढ़ की 2276.7 हेक्टेयर, अल्मोड़ा की 1214.16 और चंपावत की 244.9 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
करीब छह हजार मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए भारत और नेपाल के बीच बनाए जा रहे पंचेश्वर बांध से जिले के 21 गांव प्रभावित होने के मद्देनजर प्रभावित गांव के लोगों को डर है कि बांध से उनके घर, जमीन, जंगल डूब जाने की संभावना है। जिला प्रशासन के पास गांवों की सूची पहुंचने के बाद एसडीएम भनोली ने 24 जुलाई को इन गांवों का निरीक्षण कराने को लेकर बैठक की थी। जिसके बाद बांध के अंतर्गत आने वाले गांवों का निरीक्षण का कार्य शुरू हो गया है। जिसमें एसडीएम के अलावा डीएफओ सिविल सोयम, वाप्कोस कंपनी के इंजीनियर शामिल हैं। रिपोर्ट में अल्मोड़ा जिले में 1214.16 हेक्टेयर भूमि बांध के लिए अधिग्रहित होगी। अल्मोड़ा तहसील में पडोली, तल्ली नाली, मल्ली नाली, उमेर, बमोरी, मेल्टा, जिंगल तथा भनोली तहसील के अंतर्गत कुंज किमोला, बिरकोला, दिओलसेदी, धनकाना, ऊचाबेडा, नायल धूरा, कूना पोखरी, बालीखेत, दशोला वडियार, ढौरा, कोला, चमखोली, आरा सल्पड़, मयोली आदि गांव डूब क्षेत्र में शामिल हैं। जिसमें अल्मोड़ा तहसील के सात और भनोली तहसील के 14 गांव शामिल हैं। हालांकि गुड़गांव की कंपनी वाप्कोस के इंजीनियर और संयुक्त निरीक्षण दल में शामिल प्रतीक शर्मा का कहना है कि वह लोग फारेस्ट क्लियरेंस के लिए सर्वे कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट जिला प्रशासन को दे दी गई है। मालूम हो कि बांध के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी वाप्कोस कंपनी को सौंपी गई है।
इधर एडीएम कैलाश सिंह टोलिया ने बताया कि पंचेश्वर बांध निर्माण में अल्मोड़ा और भनोली तहसील के 21 गांव आ रहे हैं। जिसके लिए निरीक्षण की कार्रवाई चल रही है। 17 अगस्त को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में धौलादेवी ब्लॉक में प्रभावित गांवों के ग्रामीणों के साथ जन सुनवाई भी होगी।