नए शिक्षा सत्र शुरू हुए एक पखवाड़ा बीत गया है, लेकिन जिले के हवालबाग विकासखंड में शिक्षकों की कमी के चलते प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। हवालबाग ब्लॉक में 50 प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। एक शिक्षक को ही स्कूल में संचालित होने वाली पांचों कक्षाओं को देखना पड़ता है। एक मात्र शिक्षक के विभागीय कार्यों से इधर-उधर जाने पर विद्यालय को बंद करने की नौबत आ जाती है।
जिले के हवालबाग विकासखंड में सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली हैं। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय ज्यूड़, चितई, गधोली, मटेना, सिराड़, चौरा, इटौला, महतगांव, मलेराखनून, छाना, फड़का, मटेला नया, पिल्खा, शैल, सुनौला, झसेड़टाना, लोधिया, माल, सरसों, टाटिक, बडगल रौतेला, देवलीखान, डोलपोखरा, कफलकोट, नौला, ग्वालाकोट, बैंसखेत, दौलाघट, गल्ली, गोविंदपुर, गुरना, गडवाली, गेवापानी, ज्योली, कनेली, कठपुडिय़ा, कयाला, कुरचौन, पत्थरकोट, क्वैरालाभनार, सेमधार, सिमल्टा, स्यूना, अधार, धामस नया, धामस प्राचीन, कटारमल, नौगांव, टानी, उडियारी आदि विद्यालयों में एक-एक शिक्षक हैं।
इन प्राथमिक स्कूलों में पांचों कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई एक शिक्षक के हवाले रहती है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। अकेले शिक्षक के लिए पांच कक्षाएं पढ़ाना संभव नहीं है। शिक्षक के विभागीय कार्य अथवा अवकाश में रहने पर इन स्कूलों में व्यवस्था के तहत दूसरे स्कूलों से शिक्षक भेजे जाते हैं। कई बार व्यवस्था नहीं बन पाने पर स्कूल बंद रहते हैं। यही कारण है कि हर साल इन स्कूलों में छात्र संख्या में गिरावट आ रही है। अभिभावक इसकी सबसे बड़ी वजह शिक्षा की गुणवत्ता में कमी बताते है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार को जगह-जगह स्कूल खोलने के बजाए पूर्व में खोले गए स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करके शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए।
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हवालबाग विकासखंड के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली पद भरे जाएंगे। इससे शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। जरूरत होने पर एकल स्कूलों में दूसरे स्कूलों से व्यवस्था के तहत शिक्षक भेजे जाते हैं।
आरएस यादव, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) शिक्षा अल्मोड़ा।