अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख और देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पांडया ने चितई में गायत्री शक्ति पीठ में श्री वेद माता गायत्री की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शांति के लिए 27 जुलाई से पूरे एक माह तक पांच करोड़ लोग उपवास करेंगे। उपवास की तैयारियां शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि शांति और सद्भाव के लिए सभी को एकजुट होना है। उन्होंने कहा कि गर्भ में बच्चों को मार देना गलत है। समाज की प्रगति के लिए महिलाओं का सम्मान जरूरी है। वर्तमान में महिलाएं और बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। लिंग भेद किसी भी समाज के लिए घातक है। गायत्री परिजनों का दायित्व है कि वह लिंग भेद को समाप्त करने क लिए समाज को जागरूक करें।
डॉ. पांडया ने कहा कि विचार क्रांति कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरण नागरिकों को कर्तव्यों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को भी उनके कर्तव्यों का बोध कराया जाता है। गायत्री शक्ति पीठ चितई का निर्माण परिजनों के सहयोग से हुआ है। स्थानीय गायत्री परिजनों ने बताया कि नशा उन्मूलन, बलि प्रथा निवारण, बच्चों में संस्कारों के विकास के लिए कॅरिअर काउंसिलिंग समेत युग निर्माण के सभी रचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय परिजनों के अलावा शांतिकुंज से आए प्रतिनिधि राम सहाय शुक्ल, विष्णु मित्तल, ओमकार पाटीदार, संतोष कमलेश, नारायण, वसंत, खिलावन, अरुण दयानंद आदि मौजूद थे। इससे पहले चितई पहुंचने पर गायत्री परिजनों ने डॉ. पांडया का स्वागत किया।