घाटी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल बनी हुई हैं। प्रदेश सरकार ने करीब पौने पांच करोड़ रुपये की लागत से सोमेश्वर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर का भवन छह साल पहले तो बना दिया पर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर के उच्चीकरण का शासनादेश अब तक जारी नहीं हुआ है। अस्पताल में रक्त परीक्षण, एक्स-रे जैसी मामूली सुविधाएं तक नहीं हैं। सुविधाओं को अभाव में मरीजों को उपचार के लिए अल्मोड़ा और रानीखेत ले जाना लोगों की मजबूरी है।
सोमेश्वर में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र है। यहां एक आयुर्वेदिक, एक एलोपैथिक और एक महिला डाक्टर तैनात है। पर अस्पताल में रक्त परीक्षण और एक्स-रे जैसी सुविधाएं नहीं हैं। लोगों की मांग पर सरकार ने अस्पताल के उच्चीकरण की
घोषणा की थी। 2004 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने करीब पौने पांच करोड़ लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का शिलान्यास किया। यह भवन 2010 में बनकर तैयार हो गया और भाजपा सरकार के मंत्री बलवंत सिंह भैंर्याल ने इसका लोकार्पण किया। छह साल बीत गए हैं, पर प्रदेश सरकार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण नहीं कर सकी है।
हालांकि अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र नए भवन में संचालित हो रहा है। पर सुविधाएं नहीं हैं। रक्त परीक्षण, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं होने से मरीजों को उपचार के लिए 40 किमी दूर अल्मोड़ा और 52 किमी दूर रानीखेत ले जाना पड़ता है। जिससे गरीब लोगों के साथ आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।