अल्मोड़ा। नौकरी, पेंशन देने समेत अन्य मांगों को लेकर गुरिल्लों का कलक्ट्रेट में चल रहे धरने को 3400 दिन पूरे होने पर सरकार की सद्बुद्धि और पुलवामा सहित सीमाओं पर हो रहे शहीदों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी की गुरिल्ला युक्त सुरक्षा प्रणाली सुचारू होती तो सीमाओं में इस तरह आतंकवाद जड़ नहीं जमा पाता।
पिछले कई सालों में केंद्र सरकार ने सीमाओं पर ड्रोन से निगरानी, बाढ़ लगाने सहित अनेक रक्षा सौदे किए पर न तो सीमा पार से आतंकवादियों का आना रुका और न सीमा पार से तस्करी रुकी। सरकार को 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद एसएसबी के गठन की आवश्यकता के लिए की गई रक्षा विशेषज्ञों की रिपोर्ट को खंगालना चाहिए।
उन्होंने चितई स्थित प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर में तीन मार्च को न्याय के लिए गुहार लगाने का एलान किया। गुरिल्ले सरकार और जनप्रतिनिधियों के नकारात्मक रवैये का भी रथयात्रा, पदयात्रा निकाल कर जनता के सामने भंडाफोड़ करेंगे।
इसके तहत 25 फरवरी को श्रीनगर, 26 को टनकपुर, 28 को गुवाहाटी में भी सभाएं की जाएंगी। धरने और यज्ञ में ब्रह्मानंद डालाकोटी, खड़क सिंह पिलख्वाल, अर्जुन नैनवाल, गोपाल राणा, सुंदर बिष्ट, भीम राम, रमेश सिंह, प्रकाश राम, महेंद्र सिंह, आनंदी महरा, अनीता देवी, ममता मेहता, दीपा परगाई, रेखा आर्या, दीपा शाह, रेखा बगड़वाल आदि मौजूद थे।