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आधा दर्जन से अधिक गांवों को नहीं मिला पानी

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को पानी मिलने के बाद शनिवार को कई गांव पानी से वंचित हो गए, जिसके चलते लोग पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है।
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दरअसल रानीखेत के ग्रामीण क्षेत्रों में बूढ़ी हो चुकी ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। ग्रामीण क्षेत्र के लिए बनी वितरण योजना का आज तक पुनर्गठन नहीं हो सका है, जबकि इस योजना से 36 ग्राम सभाओं में पानी का वितरण किया जाता है। योजना का पुनर्गठन नहीं होने से आए दिन पाइप लाइन फट जाती हैं।

जल संस्थान के अवर अभियंता मनोज पांडे का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन साढ़े चार से पांच लाख लीटर पानी की जरूरत होती है, लेकिन जल निगम द्वारा पर्याप्त पंपिंग नहीं की जा रही है।
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शुक्रवार को कई दिनों बाद पर्याप्त पंपिंग हुई थी, लेकिन शनिवार को फिर से पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। इससे पिलखोली, सौंखला, जैनोली, पांडेकोटा, कपीना, बित्थड़, चमोली आदि गांवों में पानी नहीं दिया जा सका। इधर पानी नहीं मिलने से लोग दूर दराज पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं।

- गगास नदी में बांध बनने के चलते दिक्कतें हैं, फिर भी जल निगम की तरफ से पर्याप्त पंपिंग की जा रही है। अब जल संस्थान के अधिकारी क्यों पंपिंग को लेकर गुमराह कर रहे हैं, ये तो संस्थान के अधिकारी ही जानें। - पंकज कुमार, जेई, जल निगम रानीखेत।
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