अल्मोड़ा। सरकार ने शिक्षकों के समय से विद्यालय पहुंचने के लिए आठ किमी की परिधि में निवास करने का नियम बनाया है, लेकिन जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से अधिकांश शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार शासन के नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
यह मुद्दा जिला पंचायत की बैठक में भी उठा। जिस पर जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अप्रैल से इस संबंध में शिक्षकों से शपथ पत्र भरवाने के निर्देश दिए। शपथ पत्र गलत पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक प्रतिदिन 160 किमी तक की दूरी अप-डाउन कर रहे हैं। जिससे शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं और इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।
सदस्यों का कहना था कि इस कारण ग्रामीण इलाकों में कई विद्यालय न तो समय से नहीं खुल रहे हैं, न ही समय से बंद होते हैं। इसका नुकसान ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों को उठाना पड़ रहा है। सदस्यों ने इसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों पर भी मिलीभगत तक का आरोप लगाया।
बैठक में मौजूद जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) एचबी चंद को निर्देश दिए कि आगामी शिक्षा सत्र में शिक्षकों से आठ किमी परिधि में निवास का शपथ पत्र भरवाएं। यदि शपथ पत्र गलत पाया जाता है तो कार्रवाई करें। सदन में मौजूद सदस्यों ने इस पर हर्ष जताया और 15 अप्रैल तक इस संबंध में शिक्षकों से शपथ पत्र भरवाने की मांग उठाई।
एक सदस्य का आरोप था कि काफी दूरी से शिक्षकों के आने के कारण वह देर से विद्यालय पहुंचते हैं। इस संबंध में सल्ट के खंड शिक्षा अधिकारी से कई बार शिकायत की जाती रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर डीईओ चंद ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। मालूम हो कि गत सात दिसंबर को जिला मुख्यालय से एक जीप में शिक्षक सवार होकर जा रहे थे। यह जीप कालीधार पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। जिसमें पांच शिक्षकों की मौत हो गई थी।