अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण लागू करने के विरोध में सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने गांधी पार्क में धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों में गठित किए गए जिला विकास प्राधिकरण को अव्यवहारिक और तुगलकी फरमान बताया। उन्होंने सरकार द्वारा प्राधिकरण को जनता पर जबर्दस्ती थोपने की निंदा की। पर्वतीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि प्राधिकरण का गठन पर्वतीय क्षेत्र से पलायन बढ़ाएगा, जबकि दूसरी ओर सरकार और उसके नुमाइंदे पलायन आयोग का गठन कर रहे हैं। प्राधिकरण लागू होने के बाद जिले में अब तक मात्र दो नक्शे ही पास हो पाए हैं। पालिका की अपेक्षा प्राधिकरण में नक्शे पास करने का शुल्क 10 गुना अधिक है।
समिति के अध्यक्ष पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने सरकार से प्राधिकरण को तत्काल निरस्त करने की मांग की। सभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान खत्याड़ी हरीश कनवाल और संचालन अमित जोशी, युसूफ तिवारी, परितोष जोशी ने किया। धरने में पूर्व विधायक मनोज तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, आनंद सिंह बगड्वाल, प्रो. अरुण पंत, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी, बार के अध्यक्ष महेश परिहार, आनंदी वर्मा, केवल सती, रीता दुर्गापाल आदि ने हिस्सा लिया।
प्रभारी मंत्री के आश्वासन पर धरना 12 तक स्थगित
अल्मोड़ा। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने बृहस्पतिवार रात सर्किट हाउस में जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सामने डीडीए का मुद्दा रखा। प्रभारी मंत्री ने 12 मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में जनभावनाओं से सीएम और शहरी विकास मंत्री को अवगत कराने का भरोसा दिलाया है। जोशी ने बताया कि इसको देखते हुए 12 मर्च तक धरना स्थगित किया गया है। कैबिनेट के फैसले की समीक्षा और आगामी रणनीति तय करने के लिए 13 मार्च दोपहर एक बजे से पालिका में बैठक होगी।