अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने और बेस अस्पताल में हार्ट केयर यूनिट को यथावत रखने आदि मांगों को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। पार्टी के शिष्टमंडल ने इस संबंध में ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। चेतावनी दी है कि यदि तुगलकी फरमान सरकार ने जल्द वापस नहीं लिए तो कांग्रेस जनहित में जनांदोलन को बाध्य होगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का शिष्टमडंल दोपहर बाद कलक्ट्रेट पहुंचा और अपर जिलाधिकारी केएस टोलिया को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने एकतरफा निर्णय लेकर जिला विकास प्राधिकरण का गठन किया है। जिससे जनता की दिक्कतें बढ़ेंगी और निकायों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे, जबकि 74वें संविधान संशोधन के अनुसार निकायों को मजबूत बनाया जाना चाहिए, लेकिन प्राधिकरण का गठन कर निकायों की आय प्रभावित की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य सड़क के सौ मीटर दायरे में होने वाले निर्माण के लिए नक्शा पास करना जरूरी होगा। पर्वतीय अंचल में रहने वाले निर्धन परिवारों की इससे दिक्कतें बढ़ेंगी।
इसके अलावा बेस अस्पताल में संचालित हार्ट केयर यूनिट को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अनुबंध आगे बढ़ाया जाए। इस यूनिट के बंद होने से जिले के अलावा समीपवर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी असुविधा होगी। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय त्योहारों की छुट्टियों में कटौती करने को भारतीय संस्कृति और धार्मिक अधिकारों पर चोट करार दिया गया। सरकार से इन जनविरोधी निर्णयों को वापस लेने की मांग की गई। शिष्टमडंल में पूर्व विधायक मनोज तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूरन रौतेला, आनंद सिंह बगडवाल, मनोज सनवाल, गोपाल साह, त्रिलोचन जोशी, भूपेंद्र भोज, अमरनाथ रावत, पान सिंह बिष्ट, राजेंद्र तिवारी, तारु तिवारी, प्रीति बिष्ट, सचिन आर्या, कल्पना नेगी, लता तिवारी, किरन साह, दीप डांगी, राजेंद्र बाराकोटी, दिनेश पिलख्वाल आदि शामिल थे।