अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी अफजल पुत्र मो. अमरुद्दीन निवासी ग्राम रहवा, पोस्ट तेराना थाना जलालनगर, तहसील झवाली, जिला पूर्णिया (बिहार) को धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट में सात साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। 17 फरवरी 2017 की सायं 7:30 बजे आरोपी अफजल एक नाबालिग लड़की के घर गया। उस समय वह घर पर अकेली थी और कमरे में टीवी देख रही थी।
अफजल उसे अकेला देख कमरे में घुसा और दरवाजा बंद कर उसके साथ बलात्कार करने लगा। जब पीड़िता के कमरे से चिल्लाने की आवाज आई तो पीड़िता की मां ने पुत्री से दरवाजा खोलने को कहा, पर दरवाजा नहीं खोला गया। मां ने गांव के अन्य लोगों को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। लोगों ने अफजल को पीड़िता के कमरे में चारपाई के नीचे से दबोच लिया।
पीड़िता की मां ने राजस्व उप निरीक्षक पाखुड़ा के यहां प्राथमिकी दर्ज कराई। रिपोर्ट के आधार पर 18 फरवरी को घटना स्थल से आरोपी अफजल को राजस्व पुलिस ने गिरफ्तार किया। विवेचना पूर्ण होने पर आरोपी अफजल के खिलाफ धारा 376 और 3/4 पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह न्यायालय में पेश किए गए।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की और दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। न्यायालय ने धारा 3/4 पॉक्सो अधिनियम में आरोपी को सात साल की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।