पांच माह से बगैर वेतन के गुजर कर रहे वन श्रमिक
अल्मोड़ा। कुमाऊं वन श्रमिक संघ की वन विभाग स्थित चिंतन सभागार में हुई बैठक में वक्ताओं ने वन श्रमिकों को पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने के कारण वन श्रमिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वेतन का भुगतान और नियमितीकरण न होने पर च्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच माह से वन श्रमिकों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण कर्मचारी आर्थिक तंगहाली में जी रहे हैं। बच्चों की फीस चुकाने और स्कूल में एडमिशन कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वन श्रमिकों को वेतन का भुगतान राजकीय कर्मचारियों के साथ प्रत्येक माह पहली तारीख को किया जाना चाहिए। 60 वर्ष पूर्ण करने के बाद सेवा समाप्ति के समय ग्रेच्युटी का भुगतान होना चाहिए। संविदा और दैनिक श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिया जाए। बैठक में लंबे समय बाद भी वन श्रमिकों का नियमितीकरण नहीं होने पर नाराजगी जताई गई।
बैठक में वन श्रमिकों की नियमितीकरण समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने पर न्यायालय जाने की चेतावनी दी गई। बैठक में त्रिलोचन, चंद्र मोहन, संजय सिंह, माधवानंद जोशी, प्रमोद बेलवाल, वीर सिंह, कैलाश जोशी, नवीन तिवारी, बालम सिंह, बहादुर सिंह, गोविंद राणा, दयाकृष्ण, लछी लाल, दलीप सिंह, कैलाश चंद्र भट्ट, उमेद सिंह, गोविंद सिंह, हरीश सिंह, नंदाबल्लभ भट्ट, राजेंद्र प्रसाद, माधवानंद जोशी, देव सिंह, मोहन सिंह, चंदन भंडारी, प्रताप सिंह, दीवान सिंह, हरीश सिंह, गोविंद सिंह, गोपाल सिंह, मोहन राम, सुरेश राम आदि मौजूद थे।