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उपेक्षित पड़े हुए हैं नगर के 36 नौले 

Sun, 21 Apr 2019 11:30 PM IST
दीपक नेगी अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा के कपीना मोहल्ले में स्थित नौला। - फोटो : amar ujala
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कुछ दशक पूर्व तक अल्मोड़ा नगर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य आधार रहे प्राकृतिक जल स्रोत ‘नौले’ वर्तमान समय में उपेक्षित हैं। शहर में अब तक मात्र आठ नौलों का जीर्णोद्धार ही हो पाया है। करीब तीन दर्जन नौले आज भी उपेक्षित हैं। इनका सुधारीकरण नहीं किया जा सका है।
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अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों में पहले करीब 365 नौले हुआ करते थे। तब पानी की योजनाएं नहीं थी। लोग इन्हीं नौलों का ही पानी उपयोग में लाया करते थे। बाद में घर-घर तक पेयजल लाइन बिछने पर नौले उपेक्षित होते गए। लोगों ने नौलों की ओर ध्यान देना बंद कर दिया। नगर क्षेत्र में यह प्राचीन नौले अब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। शहरीकरण के चलते कई स्थानों पर नौले अतिक्रमण की चपेट में आकर समाप्त हो गए हैं।

वर्तमान में नगर में करीब 50 ही नौले ही रह गए हैं। इनमें से छह नौले पहले से ठीक स्थिति में हैं। बाकी से 44 नौलों के सुधारीकरण के लिए जल संस्थान ने पिछले वित्तीय वर्ष में योजना बनाई। इसके लिए विधायक निधि से पांच लाख और जिला योजना से सात लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। इस धनराशि से शहर में हाथी नौला, टम्टा मोहल्ला स्थित नौले, चंपानौला, ओढखोला नौला, भनारी नौला, अमेहर नौला, लक्ष्मेश्वर, कर्नाटक खोला नौले का सुधारीकरण का काम पूरा हो चुका है। लेकिन 36 नौले अब भी बदहाल स्थिति में हैं। 
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जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता केएस खाती ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 10 नौलों के सुधारीकरण के लिए जिला योजना में प्रस्ताव तैयार किया गया है। धनराशि अवमुक्त होने पर इनका सुधारीकरण किया जाएगा।
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