अल्मोड़ा। बीएड टीईटी प्रथम प्रशिक्षित महासंघ ने प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त के लिए राजकीय स्तरीय काउंसलिंग कराने की मांग उठाई है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली में 14 दिसंबर 2018 को किए गए पांचवें संशोधन को निरस्त करने की मांग की है। इसको लेकर प्रशिक्षित बेरोजगारों सरकार की सद्बुद्धि के लिए न्याय के देवता चितई गोलू देवता के दरबार में गुहार लगाई और मनोकामना पूर्ण होने पर घंटी चढ़ाने की घोषणा की है।
बेरोजगारों का कहना है कि सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली को 14 दिसंबर 2018 को संशोधित किया है और जिला स्तरीय काउंसलिंग कराने जा रही है, जो कि पहाड़ के बेरोजगारों के हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने सेवा नियमावली में 18 जनवरी 2016 में हुए चतुर्थ संशोधन के अनुसार ही राज्य स्तरीय काउंसलिंग करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशिक्षण वर्ष की ज्येष्ठता और श्रेष्ठता के आधार पर राज्य स्तरीय चयन प्रक्रिया की जाए, ताकि उन्हें नियुक्ति मिल सके।
न्याय देवता गोलू के यहां गुहार लगाने वालों में अनुसूचित जाति बीएड टीटीई प्रथम संगठन के अध्यक्ष मनदीप कुमार टम्टा, नवल किशोर, प्रदीप टम्टा, तरुण प्रसाद, गणेश राम, भवन राम, राज कुमार, हेमंत कुमार, मनोज कुमार आदि शामिल थे।