अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की ओर से नगर पालिका सभागार में हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा के सचिव शेष चंद्र ने महिलाओं और बाल उत्पीड़न की रोकथाम के लिए बने कानूनों और प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समुचित न्याय के लिए सभी संस्थाओं को सुचारू रूप से काम करने की पहली जरूरत है।
उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की डॉ. वसुधा पंत ने महिलाओं पर होने वाली हिंसाओं और भेदभाव को रोकने पर जोर दिया। एडवा की राज्य सचिव सुनीता पांडे ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक विकास के लिए महिलाओं को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। वक्ताओं ने महिला और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के प्रावधानों को शीघ्र और सुचारू ढंग से लागू करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष राधा नेगी ने सभी का आभार जताया। गोष्ठी में जिला सचिव नलिनी पंत, रितु रावत, रितु पंत, सरस्वती नंदा, भावना जोशी, कमला जोशी, शोभा राजपूत, हिमानी, प्रियंका, भगवती तिवारी, अजरा परवीन, देवकी बोरा, पूनम, भारती रावत, बाला देवी, ललिता बिष्ट, रमा आर्या, हेमा अधिकारी, मंजू, नीमा बिनवाल, नसरीन हुसैन, भावना तिवारी आदि मौजूद थे। इधर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से डीडीयूजीवाई संस्थान में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा के सचिव शेष चंद्र ने मानवाधिकार के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षता अजय शुक्ला और संचालन धीरेंद्र रावत ने किया। कार्यक्रम में धीरज भौयार्ल, जगदीश चंद्र, सुरेंद्र, सोनी, पंकज, भावना तिवारी मौजूद थे।