चौखुटिया (अल्मोड़ा)। बुधवार को हुई भारी बारिश के बाद ग्राम पंचायत बाखली में सड़क का पूरा पानी लोगों के खेतों में चला गया। इससे खेत पूरी तरह से रोखड़ में बदल गए। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने एनएच के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बंद पड़े स्कबर खोलने की मांग की है। इस दौरान महिलाओं ने वहां से गुजर रहे तहसीलदार सतीश बर्थवाल को गाड़ी से उतारकर अपनी समस्या बताई। बाद में एसडीएम को रोककर उनसे एनएच के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने बाद में नुकसान के आकलन के लिए राजस्व विभाग की टीम को भेजा।
बुधवार को हुई भारी बारिश से ग्राम पंचायत बाखली के एक भाग के किसानों के खेत मलबा और पानी घुसने से बर्बाद हो गए हैं। लोगों का कहना है कि सड़क के एक किमी के दायरे में पानी की निकासी के लिए कई स्कबर बनाए गए हैं जो बंद पड़े हैं। इस बारे संबंधित अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कबर बंद होने से पूरे गांव का पानी एक ही स्थान पर एकत्रित होकर विशाल नाले के रूप में उनके खेतों में आए दिन घुस रहा है। एसडीएम रजा अब्बास ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कानूनगो से राजस्व टीम के साथ बाखली में किसानों को हुए नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान नारेबाजी करने वालों में नीमा देवी, रेवती, खीमानंद जोशी, मधुली, हंसी, शोभा, परी, देवकी, रमोती, हेमा, खीमुली, पुष्पा, पूरन जोशी, गोपाल सिंह, शंकर दत्त, दिनेश जोशी, जगदीश चंद्र, बसंती, योगेश नेगी, कमलेश, शंभू सिंह, भागुली, अनीता, चंपा, हेमा जोशी आदि थे।