अल्मोड़ा। जिले के किसी भी अस्पताल में डायलिसिस मशीन नहीं है। इस कारण रोगियों को डायलिसिस के लिए हल्द्वानी अथवा अन्यत्र जाना पड़ता है। इससे जहां उन्हें आर्थिक चपत लगती है वही समय भी बर्बाद होता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को उपचार कराने में अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा में कई साल पहले डायलिसिस मशीन आई थी लेकिन इसे चालू नहीं किया गया है। जिले के किसी भी अस्पताल में डायलिसिस मशीन न होने के कारण गुर्दे के रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डायलिसिस कराने के लिए रोगियों को हल्द्वानी अथवा अन्यत्र जाना पड़ता है। इससे जहां रोगियों का समय बर्बाद होता है, वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इस मामले में पिछले दिनों हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने सरकार को मशीन चालू करने के निर्देश दिए हैं। डायलिसिस मशीन के चालू होने पर गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे सैकड़ों रोगियों को लाभ मिलेगा। इधर सांसद प्रतिनिधि मोती लाल वर्मा ने बेस अस्पताल अल्मोड़ा में डायलिसिस मशीन लगाने की मंजूरी पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में डायलिसिस मशीन लगने के बाद गुर्दे के सैकड़ों रोगियों को लाभ मिलेगा। उपचार कराने में सुविधा मिलने के साथ आर्थिक क्षति नहीं होगी। वर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से डायलिसिस मशीन लगाने के लिए आग्रह किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि डायलिसिस मशीन जल्द लग जाएगी।