अल्मोड़ा। देवभूमि विचार मंच की ओर से 19 नवंबर को एसएसजे परिसर में ‘औपनिवेशिकता से भारतीय मानस की मुक्ति’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। मंच के प्रदेश अध्यक्ष डा. चैतन्य भंडारी और आयोजन समिति के संयोजक एसएसजे परिसर के योग विभागाध्यक्ष डा. नवीन भट्ट ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दैशिक शास्त्र के माध्यम से ही औपनिवेशिकता से मुक्ति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत विश्व गुरु के नाम से विख्यात रहा है। विदेशी आक्रमणकारियों और अंग्रेजों ने भारतीय संस्कृति, साहित्य, सभ्यता, शिक्षा, सनातन धर्म को निर्दयतापूर्वक समाप्त करने का प्रयास किया। आजादी के बाद भी इसी औपनिवेशिक मॉडल को उन्नति और विकास का पर्याय माना गया। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को प्रस्तावित संगोष्ठी का उद्देश्य बुद्धिजीवियों के आपसी चिंतन से औपनिवेशिकता के विभिन्न षड्यंत्रों की पहचान कर उन्हें भारतीय मानस से मिटाकर विकास के एक ऐसे वैकल्पिक मॉडल को विकसित करना है जिसकी जड़ें भारतीय सस्कृति एवं मूल्यों पर आधारित हों। उन्होंने बताया कि गोष्ठी के मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर राकेश सिन्हा होंगे। गोष्ठी का उद्घाटन प्रदेश के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत करेंगे। सगोष्ठी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।