भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। शासन की उपेक्षा के कारण भतरौंजखान में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का उच्चीकरण नहीं हो पा रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए शासनादेश जारी किया था, लेकिन इसे वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल सकी। इस कारण आज तक न तो डाक्टरों के पद मंजूर हुए हैं और न ही भवन का निर्माण हो सका है।
उल्लेखनीय है कि भतरौंजखान का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा पर है। यहां नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के तमाम इलाकों से हर रोज काफी संख्या में मरीज आते हैं। यही नहीं आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के घायल भी इसी अस्पताल में पहुंचते हैं। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने भतरौंजखान में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण करने का शासनादेश जारी किया था। इसके बाद निर्माण निगम ने 30 बिस्तर के अस्पताल भवन के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये का आगणन बनाकर भेजा था। बाद में शासन ने 10 बिस्तर का भवन बनाने के लिए नए सिरे से आगणन तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक नया आगणन तैयार नहीं हुआ है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए मानकों के मुताबिक डॉक्टरों के पदों की मंजूरी भी नहीं मिली है। वर्तमान में इस अस्पताल में महिला डॉक्टर सहित दो डॉक्टरों के पद पहले से ही सृजित हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल का उच्चीकरण करके यहां डाक्टरों की तैनाती हो जाए। साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं तो क्षेत्रवासियों को काफी लाभ मिलेगा।