सूर्योदय स्वरोजगार योजना के तहत जिले में चार किलो वाट के 300 सोलर पावर प्लांट जल्द स्थापित होंगे। प्लांट स्थापित करने के लिए लाभार्थी को 90 फीसदी अनुदान मिलेगा और लाभार्थी को कुल लागत का 10 फीसदी अंशदान देना होगा। बिजली उत्पादन कर लाभार्थी उत्तराखंड पावर कारपोरेशन को भी बिजली विक्रय कर सकेगा, इससे जहां बिजली की बचत होगी वहीं लाभार्थी को इससे आय भी होगी।
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग की योजना के तहत पूरे प्रदेश में चार किलो वाट के 2000 पावर प्लांट स्थापित होने हैं। अल्मोड़ा जिले में उरेडा 300 सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित करेगा। पावर प्लांट स्थापित करने में केंद्र सरकार 70 फीसदी और राज्य सरकार 20 फीसदी सब्सिडी देगी। 10 फीसदी लागत लाभार्थी को वहन करनी होगी। चार किलोवाट के एक पावर प्लांट की लागत तीन लाख रुपए है। प्लांट लगाने के लिए लाभार्थी को 30 हजार रुपए अंशदान देना होगा।
चार किलोवाट का सौर ऊर्जा पावर प्लांट एक घंटे में चार यूनिट बिजली उत्पादन करता है। सौर ऊर्जा से प्रतिदिन पांच से छह घंटे में 24 यूनिट बिजली उत्पादित होगी। उपभोक्ता प्रतिदिन छह यूनिट बिजली स्वयं खर्च करता है तो भी वह उत्तराखंड पावर कारपोरेशन को प्रतिदिन करीब 18 यूनिट बिजली बेच सकेगा। जिससे उसे अतिरिक्त आय भी होगी।
उरेडा के परियोजना अधिकारी जीसी मेहरोत्रा ने बताया कि सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए मार्च, अप्रैल में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। अभ्यर्थी को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के साथ 25 साल तक बिजली विक्रय करने का अनुबंध करना होगा। 140 आवेदनकर्ताओं ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के साथ अनुबंध कर अनुबंध पत्र विभाग में जमा कर दिया है। वर्तमान में लाभार्थी के अंशदान का पैसा जमा करने की कार्रवाई चल रही है। शासन ने एडोस रिनोवल प्रा. लि. देहरादून को सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए अधिकृत किया है। अप्रैल तक जिले में सोलर पावर प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे।