अल्मोड़ा। राष्ट्रीय हेल्थ मिशन योजना के तहत पिछले साल अल्मोड़ा में कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए न्यूट्रेशन रिहेबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) खोलने की अनुमति मिली थी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जिला अस्पताल में सेंटर के लिए वार्ड भी तैयार कर लिया गया, लेकिन स्टाफ की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह नाम मात्र का सेंटर बना हुआ है।
कुपोषित बच्चों की बढ़ती संख्या और अल्मोड़ा में उपचार के साधन नहीं होने के कारण तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने शासन को अल्मोड़ा में एनआरसी सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जिला अस्पताल में दस बिस्तरों वाला एनआरसी सेंटर खोल दिया गया। जिसमें कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को मां के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार होने तक रखा जाना है।
सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा न्यूट्रीशियन काउंसलर, कुक और अन्य स्टाफ की भी नियुक्ति की जानी थी। वर्तमान में अस्पताल में वार्ड तैयार होने के बाद रसोईघर और सामान की खरीद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा चुकी है, लेकिन स्टाफ नहीं होने से वार्ड में कुपोषित बच्चों को अभी नहीं रखा जा रहा है। मालूम हो कि सेंटर खुलने के बाद अल्मोड़ा के अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर आदि पर्वतीय जिलों के अति कुपोषित बच्चों को यहां बेहतर उपचार दिया जाएगा।
सीएमओ डॉ. सविता ह्यांकि ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में सेंटर खोलने की अनुमति मिली थी। जिसके बाद अस्पताल में निर्माण संबंधी सभी कार्य करने के अलावा सामान की खरीदारी भी की जा चुकी है, लेकिन स्टाफ के लिए अनुमोदन अभी तक नहीं मिल पाया है। स्टाफ कर्मियों के लिए अनुमोदन मिलने के बाद सेंटर में कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाएगा।