अल्मोड़ा। कोसी नदी में बैराज के समीप इंटेकवैल का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है, परंतु जब तक मटेला से अल्मोड़ा नगर के लिए 30 करोड़ की नई पेयजल लाइन नहीं बिछ जाती है तब तक इंटेकवैल का कोई लाभ जनता को नहीं मिलेगा। क्योंकि मटेला की पुरानी पंपिंग योजना और पेयजल लाइन से शहर को 18 एमएलडी पानी पहुंचाना संभव नहीं है।
नगर और आसपास के इलाकों को कोसी नदी से पानी की आपूर्ति होती है। जरूरत 18 एमएलडी प्रतिदिन पानी की है, परंतु तीन पंपों के सहारे मात्र आठ एमएलडी ही पानी सप्लाई हो पा रहा है। पुराने पंपों के स्थान पर करीब 10.87 करोड़ लागत से इंटेकवैल का निर्माण कोसी नदी में किया जा रहा है। दो किश्तों में शासन से निर्माण एजेंसी को अब तक 5.11 करोड़ रुपये की धनराशि मिल चुकी है। कोसी नदी में 16 मीटर ऊंचे इंटेकवैल का सिविल कार्य पूरा कर लिया गया है।
मैकेनिकल डिवीजन द्वारा इंटेकवैल में पंपिंग प्लांट लगाए जाने है, जो अब तक नहीं लग सके हैं। हालांकि विभाग के अधिशासी अभियंता केडी भट्ट का कहना है कि निर्माण कार्य अक्तूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। विभाग ने मटेला से शहर के लिए नई पेयजल लाइन बिछाने के लिए 30 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसे प्रथम चरण में वित्त समिति की स्वीकृति मिल गई है, लेकिन जब तक नई पेयजल योजना नहीं बिछ जाती है तब तक शहरवासियों को इंटेकवैल बनने के बावजूद पेयजल संकट से निजात नहीं मिलेगी।
...... तो भी नहीं मिल पाएगा पर्याप्त साफ पानी
अल्मोड़ा। कोसी नदी में इंटेकवैल (ड्राई) का निर्माण कार्य चल रहा है। कोसी नदी में स्थित पुराने पेयजल पंपों की तकनीक की तरह ही इंटेकवैल की तकनीक भी है। हालांकि इंटेकवैल के भीतर पानी आने के बाद पंप होगा। कुछ हद तक गाद नीचे बैठ सकती है, लेकिन इसके बावजूद जनता को पर्याप्त शुद्ध पेयजल मिलने में संशय है।