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पिथौरागढ़ के ईई और एई का हो निलंबन वापस

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अल्मोड़ा। अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति उत्तराखंड पेयजल निगम ने पिथौरागढ़ में विभाग के ईई योगेश कुमार, एई टीएस रौतेला के निलंबन का विरोध किया है। समिति की कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पिथौरागढ़ के डीएम द्वारा बिना जांच कराए अधिकारियों का निलंबन करना पूर्णतया गलत है। उन्होंने निलंबन वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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वक्ताओं ने कहा कि बिना जांच किए अधिकारियों का निलंबन किया जाना उनके साथ अभद्रता जैसा है। पिथौरागढ़ में आंवलाघाट पंपिंग पेयजल योजना का कार्य समयबद्ध पूर्ण कर योजना को सुचारू रूप से चालू किया गया है। पिछले माह मुख्यमंत्री ने योजना का लोकार्पण किया गया। वर्तमान में योजना से पिथौरागढ़ की जनता को जलापूर्ति हो रही है। किसी भी पंपिंग योजना के संचालन में सिविल और यांत्रिक शाखा का बराबर योगदान रहता है। मुख्यमंत्री ने सिविल शाखा के अधिकारियों को योजना के सफल संचालन के लिए सम्मानित किया गया, जबकि यांत्रिक शाखा के अधिकारियों को प्रताड़ित किया गया जो कि पूर्णतया अन्यायपूर्ण है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अधिकारियों के सही कार्यों को अनदेखा कर जानबूझकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि निलंबन शीघ्र निरस्त नहीं हुआ तो विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारी आंदोलन को बाध्य होंगे। बैठक में ईई एन लाल, एके कटारिया, विपिन कुमार, एई केडी भट्ट, महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष अरविंद जोशी, एई अरविंद सिंह, ललित गौड़, एके सेमवाल, प्रमोद कुमार, बीएस मर्तोलिया, वाईएस लस्पाल, नवीन कुमार, कमल मासीवाल, सिकंदर चौहान, पंकज आर्या, राजेंद्र भौंर्याल, नरेंद्र बिष्ट, हर सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह फर्त्याल, बीबी पाठक, रमेश चंद्र पांडे, गोविंद सिंह बिष्ट, राहुल बिष्ट, रणजीत सिंह बिष्ट, दीपा जोशी, देवेंद्र सिंह नेगी, निर्मला रावत, आशा जोशी आदि थे।
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बिना जांच के अधिकारियों को निलंबित करना अन्यायपूर्ण
निलंबन वापस नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
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