अल्मोड़ा। टोटाम में हुई बस दुर्घटना के बाद डीएम ने वाहनों की तेज गति को लेकर क्षेत्र के एआरटीओ से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, दुर्घटनाएं रोकने के लिए कारगर कदम उठाने को लेकर 24 मार्च को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है।
सल्ट तहसील के टोटाम में हुई बस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना का मुख्य कारण वाहन की तेज रफ्तार माना गया है। इधर, डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि भतरौंजखान से रामनगर जाने वाली तंग सड़क में वाहनों की तेज रफ्तार के बारे में क्षेत्र के एआरटीओ का स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही परिवहन विभाग को नियमिति चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 24 मार्च को कलक्ट्रेट में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक भी बुलाई गई है। इसमें दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। बृहस्पतिवार को राज्य सड़क सुरक्षा समिति की टीम ने भी घटना स्थल का मुआयना करके दुर्घटना के कारणों की जांच की।
बस दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच शुरु
13 मार्च को देघाट-रामनगर मोटर मार्ग पर केमू की बस के दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिरने से 13 लोगों की मौत की घटना की सल्ट के एसडीएम गोपाल राम बिनवाल ने मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को केमू की बस (यूके 19पीए-0016) टोटाम के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए थे। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने एसडीएम गोपाल राम बिनवाल को घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने बताया है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को इस दुर्घटना के बाबत कोई जानकारी हो तो वह 28 मार्च से पहले उनके कार्यालय आकर दे सकता है।