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गमगीन माहौल में मृतकों की अंत्येष्टि

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अल्मोड़ा/भिकियासैंण। सल्ट तहसील के अंतर्गत टोटाम के समीप खोईधार में हुई बस दुर्घटना में मारे गए आठ लोगों की आज अलग-अलग स्थानों पर गमगीन माहौल में अंत्येष्टि कर दी गई। कुछ मृतकों की मंगलवार को ही अंत्येष्टि कर दी गई थी।
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इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक छाया हुआ है। इधर जिला मजिस्ट्रेट ईवा आशीष श्रीवास्तव ने सल्ट के एसडीएम को घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

मालूम हो कि देघाट से रामनगर को आ रही केएमओयू की बस सल्ट तहसील के टोटाम के समीप खोईधार में 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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मृतकों में आठ लोगों की बुधवार को गमगीन माहोल में अंत्येष्टि कर दी गई। मृतकों में चालक भैरव दत्त की खंडुवाघाट में, भगत सिंह की पत्थरखोला, मुकेश कुमार की तुराचौरा, नवीन चंद्र जोशी और दौलत सिंह की केदारघाट में, हेमा देवी और आनंद सिंह की स्याल्दे के घाट में जबकि मंजू देवी की त्रिवेणी संगम पर अंत्यष्टि हुई।

इधर जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने सल्ट के एसडीएम को घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने एसडीएम से 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

बस को लेकर बना रहा भ्रम

दुर्घटनाग्रस्त बस को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। स्थानीय राजस्व पुलिस ने लिखित तौर पर जारी किया कि दुर्घटनाग्रस्त बस जीएमओ की है। देर शाम तक अधिकारी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। बस के परखचे उड़ गए थे जिससे बस में भी जीएमओ अथवा केएमओ कुछ लिखा नहीं मिला। इधर बुधवार को सल्ट के तहसील प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यह बस जीएमओ की नहीं बल्कि केएमओ की ही थी।

रानीखेत में जल्द खुलेगा एआरटीओ दफ्तर

यात्री वाहनों को तेज गति से चलाने पर अब परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इसके लिए चेकिंग अभियान को भी तेज किया जाएगा। संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) राजीव मेहरा ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि रानीखेत में भी अलग से एआरटीओ कार्यालय को मंजूरी मिल गई है और स्टाफ उपलब्ध होने के बाद एआरटीओ कार्यालय अस्तित्व में आ जाएगा।

आरटीओ ने बताया कि तेज रफ्तार, वाहनों की फिटनेस आदि को लेकर लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा जिला काफी बड़ा है। इसे देखते हुए चेकिंग के लिहाज से सल्ट का इलाका एआरटीओ रामनगर के अधीन किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि रानीखेत में भी अलग से एआरटीओ दफ्तर मंजूर हो चुका है। रानीखेत में एआरटीओ की तैनाती हो जाने के बाद रानीखेत से लेकर भतरौंजखान, भिकियासैंण आदि का इलाका रानीखेत के अंतर्गत आ जाएगा।

आलोक जोशी बने अल्मोड़ा के एआरटीओ

हाल में चयनित होकर आए अधिकारी आलोक जोशी को अल्मोड़ा का एआरटीओ बनाया गया है। उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। मालूम हो कि एआरटीओ विमल पांडे का रामनगर स्थानांतरण हो जाने के बाद अल्मोड़ा में एआरटीओ का अतिरिक्त कार्यभार बागेश्वर की एआरटीओ पूजा नयाल के पास था। अब अल्मोड़ा में पूर्ण कालिक एआरटीओ के तौर पर आलोक जोशी की तैनाती हो गई है, जिससे व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है।
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