अल्मोड़ा। शहर के एनटीडी स्थित मृग विहार में तेंदुए, भालू, बंदर, चीतल समेत कुल 98 जानवर हैं। जानवरों के भोजन के लिए छह माह से विभाग को बजट नहीं मिल रहा है। शासन से समय पर बजट का आवंटन नहीं होने के कारण जानवरों को भूखा रहना पड़ रहा है।
मृग विहार में तेंदुआ आवास और रेस्क्यू सेंटर भी है। तेंदुआ आवास में पांच तेंदुए रह रहे हैं, जबकि रेस्क्यू सेंटर में एक मादा तेंदुआ का उपचार चल रहा है। इसके अलावा तीन वृद्ध तेंदुए दूसरे पिंजरों में कैद हैं। तेंदुओं के भोजन में प्रतिमाह 80 से 90 हजार का खर्च होता है। सप्ताह में छह दिन तेंदुओं को तीन-तीन किलो भैंस का गोश्त दिया जाता है। मंगलवार को उनका व्रत का दिन निर्धारित है।
इसके अलावा मृग विहार में रह रहे अन्य जानवरों समेत तेंदुए के भोजन में सालभर में करीब तीस लाख रुपये खर्च होता है। भोजन के लिए विभाग द्वारा निविदा आमंत्रित की जाती है, लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण पिछले छह माह से विभाग ठेकेदार को भुगतान नहीं कर सका है। सिविल सोयम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आरसी शर्मा ने बताया कि शासन से बजट की मांग की गई है।