अल्मोड़ा। दुग्ध संघ अल्मोड़ा में प्रधान प्रबंधक पुष्कर सिंह नगरकोटी के तबादले के विरोध में चल रहे आंदोलन ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया। आंदोलन के बीच 21 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। कर्मचारियों ने अपना इस्तीफा प्रबंधक जेएस मौर्य को सौंपते हुए तबादला आदेश वापस लेने की मांग दोहराई।
आंदोलन के तीसरे दिन कर्मचारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। दुग्ध संघ गेट पर कर्मचारियों के साथ विभिन्न दुग्ध समितियों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों ने भी धरना-प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधान प्रबंधक का तबादला कर्मचारियों और दुग्ध उत्पादकों के हितों के विपरीत है। पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते दुग्ध संघ का नियमित कामकाज प्रभावित रहा। दूध के परिवहन, भुगतान तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ा। इसके अलावा दुग्ध संघ परिसर में वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही, जिससे दिनभर सामान्य कार्य व्यवस्था बाधित रही।
कर्मचारी शिवशंकर सिंह बोरा ने कहा कि वर्तमान प्रधान प्रबंधक पुष्कर सिंह नगरकोटी के कार्यकाल में संघ की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और दुग्ध उत्पादकों के बकाया भुगतान की व्यवस्था भी नियमित हुई है। ऐसे में उनका तबादला उचित नहीं है। मामले के समाधान के लिए तहसीलदार और प्रबंधक जे.एस. मौर्य ने कर्मचारियों तथा दुग्ध उत्पादकों के साथ वार्ता की, लेकिन बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने का एलान किया।
इन कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा
शिवशंकर सिंह बोरा, बलवंत सिंह रावत, राजेंद्र कुमार कांडपाल, शेर सिंह बिष्ट, कमला बिष्ट, लाल सिंह, अरुण नगरकोटी, केवलानंद पपनै, प्रेम सिंह बिष्ट, कैलाश तिवारी, उत्तम सिंह, कौशर जहां खान, दया टाकुली, कल्पना बिष्ट, मुकेश सत्यवली, हरीश मेहरा, खीम सिंह, पीतांबर दत्त उपाध्याय, राजेंद्र सिंह लटवाल, पुष्पा तिवारी, नवीन चंद्र।