अल्मोड़ा। अगले माह से मानसून शुरू हो जाएगा। इस दौरान लोगों को पर्याप्त राशन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य विभाग ने अतिरिक्त खाद्यान्न की व्यवस्था नहीं की है। जबकि मानसून काल में तीन माह का राशन पहले से ही स्टॉक कर दिया जाता है। दूसरी ओर पूर्ति विभाग के पास गोदामों की संख्या भी काफी कम है। पिछले दिनों मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने भी पूर्ति विभाग को अतिरिक्त स्टॉक करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके पूर्ति विभाग का कहना है कि वह रेगुलर कोटे से ही काम चला लेगा।
पूर्व के सालों में बारिश के दौरान होने वाली दिक्कत और आपदा को देखते हुए यह नियम बना हुआ है कि पूर्ति विभाग बरसात से पहले जिले में खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक कर लेता है। वर्तमान में जिले के विभिन्न ब्लॉकों में पर्याप्त गोदाम भी नहीं हैं। केवल 22 गोदामों से काम चलाया जा रहा है। इनमें भी अधिकांश गोदाम छोटे हैं और बारिश के दौरान वहां सीलन हो जाती है।
इन गोदामों की मरम्मत या अन्य जगह गोदामों की व्यवस्था पूर्ति विभाग आज तक नहीं कर पाया है। पहाड़ों में बारिश का दौर अभी से शुरू हो गया है और तीन माह में लगभग दो हजार क्विंटल अनाज की जरूरत होती है। खाद्यान्न का स्टॉक नहीं होने से बरसात के समय लोग परेशान होंगे, लेकिन पूर्ति विभाग ने खाद्यान्न स्टॉक करने का काम अभी तक जिले में शुरू नहीं किया है।
इधर जिला पूर्ति अधिकारी जगदीश वर्मा ने बताया कि बरसात में खाद्यान्न की कमी नहीं होगी। वर्तमान में जून का भी राशन आने लगा है और रेगुलर कोटे से ही काम चल जाएगा। गोदामों की कमी और पहले अनाज मंगाने पर कई बार लोग अनाज नहीं ले जाते हैं और अनाज सड़ जाता है। इसी व्यवस्था के तहत इस बार रेगुलर कोटे से ही काम चलाने की कोशिश की जा रही है।