रानीखेत (अल्मोड़ा)। उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ शाखा के वार्षिक सम्मेलन में परिवहन निगम की नीतियों को कठधरे में खड़ा किया गया। कहा कि स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण निगम निरंतर घाटे में जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को फरवरी और मार्च का वेतन नहीं मिला है। कहा कि पूरे प्रदेश में बसों का अवैध संचालन नहीं रुकने के कारण निगम की आय प्रभावित हो रही है।
शाखाध्यक्ष गिरीश चंद्र बिष्ट की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में कहा कि उच्चाधिकारियों की अदूरदर्शितापूर्ण नीति के कारण कर्मचारियों को फरवरी और मार्च का वेतन नहीं मिला है। परिवहन नीति नहीं बनाई गई है, जिसके चलते निगम को घाटा हो रहा है।
कार्याध्यक्ष मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि चालक-परिचालकों का उत्पीड़न हो रहा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रेम चंद्र दुम्का ने कार्यशालाओं में समय पर मोटर पार्ट्स की व्यवस्था कराने की मांग की। भारतीय मजदूर संघ के बीसी नैनवाल ने संघ की रीति-नीति पर चर्चा की। बैठक में महेश चंद्र जोशी, नवीन नेगी, केपी पंत, कौशल कुमार, नरेंद्र सिंह, गंगा गिरि, गौरव शाह, विरेंद्र सिंह बिष्ट, केएन दानू सहित तमाम लोग मौजूद रहे।