अल्मोड़ा। शैक्षिक योग्यता सही नहीं पाए जाने पर उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने जिले के द्वाराहाट ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय कुलसीवी में तैनात उर्दू शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में तैनात 11 उर्दू शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता भी सही नहीं पाई गई है।
मालूम हो कि प्रदेश स्तर से 2016 में प्रदेश में 14 उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। दोषपूर्ण चयन प्रक्रिया के चलते एक अभ्यर्थी मो. अनवर को नियुक्ति नहीं मिल पाई थी। इसके बाद मो. अनवर ने उच्च न्यायालय नैनीताल में वाद दायर किया, जिसमें उच्च न्यायालय ने चयनित 14 अभ्यर्थियों में से 13 अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता मानकों पर सही नहीं पाए जाने पर नियुक्ति निरस्त करने का आदेश पूर्व में दिया था।
इसके बाद बीएड, टीईटी सहायक अध्यापक (प्रारंभिक विद्यालय) चयन समिति की बीती 16 जनवरी को हुई बैठक में उच्च न्यायालय के निर्णय पर चर्चा की गई। समिति ने पाया कि 13 में से एक उर्दू शिक्षक निर्धारित योग्यता रखता है। उसकी नियुक्त निरस्त किया जाना उचित नहीं होगा।
इधर न्यायालय के निर्णय के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) राय साहब यादव ने प्राथमिक विद्यालय कुलसीवी (द्वाराहाट) में तैनात उर्दू शिक्षिका मीनाक्षी साह पुत्री गिरीश चंद्र साह की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है।