अल्मोड़ा। जिले के धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत नैनी चौर्गखा क्षेत्र में किसी भी बैंक की शाखा नहीं होने के कारण आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को बैंक संबंधी कार्य के लिए 50 किमी दूर जागेश्वर अथवा 60 किमी दूर पनुवानौला जाना पड़ता है। दुर्गम गांवों से बैंक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को एक तरफ का ही 100 रुपये से अधिक किराया चुकाना पड़ता है। इस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी होता है।
धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत नैनी चौर्गखा प्रमुख कस्बा है। यहां से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बेरीनाग, गंगोलीहाट, सेराघाट, गणाई गंगोली, दन्यां, ध्याड़ी आदि स्थानों को प्रतिदिन कई वाहन अप-डाउन करते हैं। इससे यहां चहल पहल रहती है।
नैनी चौर्गखा में किसी भी बैंक की शाखा नहीं है। इस कारण क्षेत्र के बमौरी, जिंगल, तल्ला सेराघाट, खाटवे, नायल, हरड़ा, तरुला, न्योली, नैलपड़, बजेला, तडख़ेत, सिंलगी, पोखरी, नैनी, मल्ली नैनी, क्वैराली, पपगाड़, कपकोली, जामनी, कोटा, पटौलिया, जिया, चमुवा, कुंज, नाली, दयोलीबगड समेत कई गांवों के लोगों को बैंक संबंधी कार्यो के लिए 50 किमी दूर जागेश्वर स्थित ग्रामीण बैंक अथवा 60 किमी दूर पनुवानौला स्थित एसबीआई बैंक जाना पड़ता है।
रिटायर्ड शिक्षक खुशाल सिंह खनी ने बताया कि दुर्गम गांवों से जागेश्वर का किराया 100 रुपये और नैनी से पनुवानौला का किराया 50 रुपये है। बैंक जाने में ग्रामीणों का पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। कई बार बैंक संबंधी कार्य नहीं हो पाता है। इस कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नैनी चौर्गखा में बैंक खोलने की मांग को लेकर अब तक कई बार प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।