अल्मोड़ा। अतिथि शिक्षकों की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने अतिथि शिक्षकों को अलग-अलग तरीके से जारी हुए अनुभव प्रमाण पत्र लेकर आक्रोश जताया गया। कहा कि इससे कई शिक्षक मेरिट सूची में स्थान पाने से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों ने अतिथि शिक्षकों को अलग-अलग तरीकों से अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए हैं। कुछ विद्यालयों ने केवल कार्य दिवस के रूप में कार्यानुभव की गणना की है तो कुछ ने प्रत्येक सत्र के कार्य प्रारंभ करने की तिथि से कार्य समाप्ति की तिथि तक की पूरी अवधि का कार्यानुभव प्रमाण पत्र दिया है। इससे अतिथि शिक्षकों के कार्यानुभव अंकों में अंतर आ जाएगा। साथ ही वह मेरिट सूची में स्थान पाने से वंचित हो सकते हैं। नियम के तहत सत्र के किसी माह में 15 दिन से अधिक शिक्षण कार्य पर एक अंक तथा इससे कम की अवधि में कोई अंक देय नहीं है।
शिक्षा निदेशालय स्तर पर मेरिट बनाने पर यह पता लगाना कठिन होगा कि शिक्षा सत्र में अभ्यर्थी ने 15 दिन से अधिक अवधि तक शिक्षण कार्य किया है। क्योंकि आवेदन ऑनलाइन होने के कारण अभी अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न नहीं है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय स्तर पर मेरिट के आधार पर चयन कर जिलों को योग्य आवेदन भेजने में दिक्कतें होंगी। बैठक में निधि, माया बिष्ट, सरोजनी, हेमलता, कुसुम आदि मौजूद थे।