अल्मोड़ा। डीएफओ और कर्मचारियों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों वन प्रभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को तीसरे दिन भी वन संरक्षक कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान विभिन्न फेडरेशन के पदाधिकारियों और वन कर्मचारियों के बीच हुई बैठक में तीन दिसंबर तक डीएफओ का स्थानांतरण नहीं होने पर चार दिसंबर से कर्मचारियों द्वारा मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं नैनीताल के कार्यालय में उपस्थिति देने और वहीं अपने कार्यों का संपादन करने की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर डीएफओ पंकज कुमार अपने कार्यालय में ही मौजूद रहे और कामकाज निपटाने में लगे रहे।
वन संघर्ष समिति के संयोजक श्याम सिंह रावत की अध्यक्षता में वन संरक्षक कार्यालय में हुई बैठक में कर्मचारियों ने डीएफओ के स्थानांतरण होने तक वन संरक्षक कार्यालय में ही उपस्थिति देने का निर्णय लिया। इस दौरान उन्होंने जल्द निर्णय नहीं लेने पर जिला और प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
इधर वन पंचायत विकास समिति के अध्यक्ष पीसी जोशी ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि प्रभागीय वनाधिकारी का स्थानांतरण किए जाने की मांग की। इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र कुमार वर्मा, तृप्ता पंत, गीता पांडे, रमा पंत के अलावा वन पंचायत विकास समिति के ललित मोहन तिवारी, नयन पंत, भीमसिंह, पूरन सिंह, ख्याली चंद, बचे सिंह नेगी, जगदीश पाठक, जीवन सिंह, पप्पू नेगी, कमला रावत, ईश्वर उपाध्याय, महेंद्र पवार, पुष्कर सिंह, गिरीश नैनवाल, गजेंद्र रावत, कैलाश जोशी, नारायण सिंह आदि मौजूद थे। इधर डीएफओ पंकज कुमार ने बताया कि स्थिति मंगलवार की तरह ही है। वह अपने कार्यालय में बैठकर सरकारी काम निपटा रहे हैं।