...तो फिर लटक गया सीवर लाइन का मुद्दा
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सपना फिलहाल अधर में लटक गया है। लोगों को उम्मीद थी कि पहली बार अल्मोड़ा आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कई सालों से ठप पड़े शहर की सीवर लाइन के कार्य को शुरू करने के लिए बजट देने की घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सीएम ने इस बारे में केंद्र से बात करने की बात कही। इस कारण फिलहाल सीवर लाइन का कार्य जल्द शुरू नहीं हो पाएगा।
शहर में पंद्रह वर्ष पूर्व सीवर लाइन स्वीकृत हुई थी। इसमें नगर को चार जोन में बांटकर सीवर लाइन बिछाना प्रस्तावित किया गया था। यूपी की निर्माण एजेंसी सीएनडीएस ने 2002 में 6.10 करोड़ रुपये से प्रथम जोन के हीराडुंगरी, एनटीडी, जेल परिसर, राजपुर, मकेड़ी में सीवर लाइन बिछाई और कनेक्शन दिए। 2005 में जल निगम सर्वे शाखा ने 8.10 करोड़ लागत से दूसरे चरण में तृतीय जोन का काम शुरू किया। सरकार से 4.85 करोड़ रुपये अवमुक्त होने के बाद तृतीय जोन में पांडेखोला, कपीना, उप्रेतीखोला, चंपानौला, खोल्टा, साईं बाबा मंदिर, झिझाड़, गुरुरानीखोला मुहल्लों में लाइन बिछाई, लेकिन 2007 से इस कार्य के लिए बजट नहीं मिला।
बजट नहीं मिलने से तीसरे जोन के शेष हिस्से थपलिया, जोशीखोला समेत कई मोहल्लों में लाइन डालने, रोडवेज के पास पंप हाउस और पांडेखोला में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ सका है। सीवर लाइन नहीं होने से कई लोग घरों की गंदगी नालियों में बहाते हैं। शनिवार को अल्मोड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत के जनता दरबार के दौरान स्थानीय विधायक विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने सीवर लाइन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, सीएम ने इस मामले में केंद्र सरकार से बातचीत करने की बात कही। इससे लगता है कि यह प्रक्रिया अभी और लंबी चलेगी।