सड़क का निरीक्षण करते विधायक महेश नेगी।
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पहाड़ में सड़क बनाने वाली तमाम बड़ी संस्थाओं के लिए नजीर पेश करते हुए लघु सिंचाई विभाग ने केवल 48 लाख रुपये में ही बीस किलोमीटर सड़क बनाने का कारनामा कर दिखाया है। यह सड़कें भी तीन माह में बना दी गईं। इतनी कम लागत में सड़क बनने से आश्चर्यचकित मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अब 27 जनवरी को तकुल्टी क्षेत्र में बनी इन सड़कों का निरीक्षण करने भी आ रहे हैं। इन सड़कों की निर्माण लागत करीब ढाई लाख रुपये प्रति किलोमीटर है और लोक निर्माण विभाग तक पहाड़ में 65 लाख/ किलोमीटर के हिसाब से सड़क बनाता है।
तकुल्टी क्षेत्र अंतर्गत तकुल्टी, भुओली, रूपानोली, भंटी और नीरकोट आदि गांवों के लिए विधायक निधि से यह सड़कें बनाई गई हैं। अलग-अलग जॉब वर्क के तहत बनी इन सड़कों की कुल लंबाई 20 किलोमीटर है। एक किलोमीटर का प्रत्येक जॉब महज 2.4 लाख रुपये में पूरा किया गया है। सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तय किए मानकों के अनुरूप है। सड़क की चौड़ाई करीब सात मीटर ही रखी गई है। प्रत्येक जॉब में हुए खर्च में 22 हजार की जीएसटी और पोकलैंड मशीन का खर्च भी शामिल है।
इतनी कम लागत में सड़कों का तैयार हो जाना पहले पहल स्थानीय विधायक महेश नेगी के गले भी नहीं उतरा। विधायक ने बाकायदा सड़कों का निरीक्षण किया और इसके बाद मुख्यमंत्री को जानकारी दी। विधायक के मुताबिक सड़कों के निर्माण में कहीं कोई कमी नहीं है और मुख्यमंत्री स्वयं 27 जनवरी को इन सड़कों का निरीक्षण करेंगे।