द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। विकासखंड द्वाराहाट के सुरईखेत क्षेत्र की करीब 20 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शहीद स्मारक सुरईखेत में बैठक कर वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। बैठक में मां विजयादेवी संघर्ष समिति का पुनर्गठन कर मुख्यमंत्री को 12 सूत्रीय मांगपत्र भेजा गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि 20 दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर चुनाव बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है।
मांगपत्र में सुरईखेत में बैंक शाखा खोलने, पशु चिकित्सालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति, गवाड़-कोटिला-फल्द्वाड़ी-सुरईखेत मोटर मार्ग का शेष कार्य पूरा करने तथा वर्ष 2004 में स्वीकृत बयेला-नाड़-फल्द्वाड़ी सड़क का निर्माण शुरू करने की मांग की गई।इसके अलावा गनोली-बाबन मार्ग को जालली रोड से जोड़ने, वलना-विभाण्डेश्वर सड़क का निर्माण कराने और जल जीवन मिशन के तहत लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई गई। सिमलगांव-कांडे और सुरईखेत मोटर मार्गों के अधूरे कार्य पूरे करने के साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की गई।वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 में आदर्श इंटर कॉलेज सुरईखेत के मरम्मत कार्य की घोषणा की थी, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं का अपेक्षित लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है।बैठक में मां विजयादेवी संघर्ष समिति का पुनर्गठन करते हुए जगदीश सिंह को अध्यक्ष, गिरीश पंत को उपाध्यक्ष, कमल आर्या को कोषाध्यक्ष और दिगंबर सिंह बिष्ट को सचिव चुना गया। अन्य पदाधिकारियों का भी सर्वसम्मति से चयन किया गया। इस दौरान लक्ष्मण सिंह, डॉ. जगदीश चंद्र, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दीपक कुमार, जिला पंचायत सदस्य युगल किशोर आर्या, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बंशीधर तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।