तमाम प्रयासों के बावजूद न तो लोग जागरूक हो रहे हैं और न ही साइबर अपराधों पर ही अंकुश लग पा रहा है। इस बार अपराधियों का शिकार बने हैं तहसील के सुदूरवर्ती कुंवाली क्षेत्र के एक स्वर्णकार। फोन पर स्वयं को बैंक का अधिकारी बता व्यापारी से दो अलग-अलग बैंकों के एटीएम का 16 अंकों के नंबर और ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) कोड पूछ लिया।
दूसरे दिन व्यापारी के एसबीआई और आईडीबीआई बैंक स्थित खातों से 2.10 लाख रुपये की धनराशि उड़ा ली गई। पीड़ित ने थाने में मामले की तहरीर दी है। कुंवाली में आभूषणों की दुकान चलाने वाले नवीन वर्मा पुत्र गोविंद लाल वर्मा ने बताया कि बीते बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे उनके मोबाइल फोन पर 8298659036 अज्ञात नंबर से कॉल आई।
फोन करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आईडीबीआई और भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम कार्ड लॉक हो गए हैं। उन्होंने पूछने पर दोनों एटीएम का 16 अंकों के नंबर और बाद में चार अंकों का ओटीपी नंबर भी फोन करने वाले को बता दिया।
नवीन वर्मा ने बताया कि अपराधियों ने उनके मोबाइल का मेसेज बॉक्स तक उड़ा दिया। सुबह उन्होंने अपने कुछ जानने वालों को मेसेज बॉक्स उड़ने की सूचना दी। इसके बाद शक होने पर उन्होंने दोनों बैंकों से खातों की जानकारी ली तो पता चला कि सुबह करीब 11 बजे तक उनके दोनों खातों से 2.10 लाख रुपये की धनराशि उड़ा ली गई है।
उनके बैंक खाते आईडीबीआई और एसबीआई की मुख्य शाखा रानीखेत में हैं। दुकानदारी का सारा पैसा इन्हीं खातों में जमा किया हुआ था। लोग दुकान में स्वाइप मशीन के माध्यम से भी धनराशि उनके खाते में ट्रांसफर करते थे। जमा पूंजी लुट जाने से व्यापारी नवीन वर्मा हताश हैं। उन्होंने कोतवाली पुलिस से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल एससी जोशी ने बताया कि मामले को साइबर सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है।
साइबर अपराध को लेकर स्वयं करते थे जागरूक
रानीखेत। व्यापारी नवीन वर्मा ने बताया कि साइबर अपराध को लेकर वह स्वयं ग्रामीणों को जागरूक करते रहते हैं। लेकिन आज वह स्वयं इनके फेर में फंस गए, जबकि बैंकों के अधिकारी बार-बार चेताते हैं कि बैंक कभी भी खातेधारकों से निजी जानकारी नहीं लेता। इसके बावजूद लोग ऐसे अपराधियों के फेर में फंस रहे हैं।