अल्मोड़ा। कलैत वन पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही लीसे की फैक्ट्री के मामले में डीएफओ की अदालत में शनिवार को आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाया गया। इसमें दोनों आरोपियों को भारतीय वन अधिनियम 1927 और लीसा नियमावली के विभिन्न नियमों के तहत कुल 14 लाख से अधिक धनराशि के जुर्माने से दंडित किया गया है। वहीं इस मामले में एक वन आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच बैठा दी गई है।
डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि शनिवार को अदालत में वन क्षेत्राधिकारी और अवैध लीसा के मामले में दो अभियुक्तों के पक्षों को सुना गया। जांच रिपोर्ट में उन्होंने अवैध तरीके से पेड़ों को नुकसान पहुंचाने और लीसा निकालने की पुष्टि हुई। आरोपी ठेकेदार मनान निवासी भगवत सिंह पर आठ लाख 28 लाख 750 रुपया और फैक्ट्री स्वामी चंदन सिंह उर्फ चंदन भोज पर पांच लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को जुर्माना एक सप्ताह के भीतर भरने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि दो हफ्ते पहले वन विभाग के दो आईएफएस कुंदन कुमार और अभिलाषा सिंह ने वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, बिशन लाल और वन दरोगा की टीम के साथ कलैत वन पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से 185 टिन लीसा बरामद किया था। जिसमें आरोपियों ने बगैर आवंटन के आरक्षित वन क्षेत्र के करीब 170 पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हुए अवैध रूप से लीसा निकाल लिया था। तब डीएफओ के निर्देश पर फैक्ट्री सीज करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा को मामले की जांच के आदेश देते हुए जल्द रिपोर्ट देने को कहा था।