रानीखेत (अल्मोड़ा)। तीन दिन पूर्व हुई भारी ओलावृष्टि ने रानीखेत क्षेत्र के सब्जी उत्पादकों की कमर तोड़कर रख दी है। सब्जी उत्पादक बहुल क्षेत्र पिलखोली से लेकर भुजान तक किसानों की मटर की फसल पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। मार्च में मटर की फसल पककर तैयार हो जानी थी, दूसरी तरफ आलू की फसल को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। प्रभावित काश्तकारों ने राजस्व विभाग से क्षति का आकलन करने की गुहार लगाई है।
मालूम हो कि रानीखेत क्षेत्र के अंतर्गत पिलखोली, डौरब, टूनाकोट, तिपौला, पोखरी, डीना, रीची, बिल्लेख, सूरी, टूनाकोट सेरा, भुजान, पातली सहित तमाम स्थानों पर काफी संख्या में काश्तकार मटर का उत्पादन करते हैं। काश्तकार सब्जी उत्पादन के माध्यम से ही आजीविका चलाते हैं। इस बार भी ग्रामीणों ने अच्छी मात्रा में मटर की फसल बोई थी, मटर की पौध उग गई थी, लेकिन तीन दिन पूर्व हुई भारी ओलावृष्टि ने पौधों को बुरी तरह से नष्ट कर दिया है।
इस क्षेत्र में उद्यान विभाग की तरफ से काश्तकारों को मटर का बीज उपलब्ध कराया गया था। ओलावृष्टि से पौधों की सारी पत्तियां गिर चुकी हैं। काश्तकारों ने बीन भी बोई थी, लेकिन ओलों की मार के चलते वह भी सड़ चुकी है। आलू अंकुरित हो रहा था, उस पर भी ओलावृष्टि की आंशिक मार पड़ी है। प्रधान गोधन सिंह, हीरा सिंह, श्याम सिंह, चंदन सिंह, कैप्टन बचे सिंह आदि ने कहा कि काफी नुकसान हुआ है, राजस्व टीम को प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना करना चाहिए।