अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों के दुर्गम और सुगम कोटिकरण में काफी विसंगतियां व्याप्त हैं। विभाग द्वारा जीबी पंत राजकीय इंटर कालेज खूंट में प्रधानाचार्य का पद दुर्गम श्रेणी में दर्शाया गया है वहीं इसी विद्यालय के शिक्षकों के पदों को सुगम श्रेणी में रखा है। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन समिति ने जल्द सुधार कर विद्यालय को दुर्गम श्रेणी में रखने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
विद्यालयों के कोटिकरण में विसंगतियों को लेकर शिक्षक संघ और कर्मचारी संगठन समय-समय पर सवाल उठाते रहते हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति की हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जीआईसी खूंट जिला मुख्यालय से 30 किमी की दूरी पर स्थित है। वहां आवागमन के साधन, राष्ट्रीय बैंक, अस्पताल आदि संसाधन नहीं होने से विद्यालय को 2008 के कोटिकरण में दुर्गम श्रेणी (ई) और 2013 में दुर्गम श्रेणी (डी) में रखा गया था। वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय को 26 गुणांक के चलते दुर्गम श्रेणी में आता है।
प्रबंध समिति ने आरोप लगाया है कि इस बार कोटिकरण संशोधन के लिए गठित ब्लॉक स्तरीय समिति ने विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा भेजे गए गुणांक के विवरणों में छेड़छाड़ कर इसके गुणांक 26 के स्थान पर अपने मन से 33 दर्शा दिए। जिससे यह विद्यालय सुगम श्रेणी में आ गया है। इस कारण विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के लिए भविष्य में नवनियुक्त और पदोन्नति की संभवना समाप्त हो जाएंगी और बच्चों को नुकसान होगा। वर्तमान में विद्यालय विवरण में शिक्षकों के लिए विद्यालय सुगम और प्रधानाचार्य के लिए दुर्गम दर्शाया गया है।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रधानाचार्य द्वारा दिए गए विवरणानुसार विद्यालय को दुर्गम श्रेणी में शामिल नहीं किया गया तो अभिभावक स्थानीय जनता को साथ लेकर आंदोलन को विवश होंगे।