अल्मोड़ा। बिजली चोरी मामले में दो अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ने एक व्यक्ति को लाइनमैन के कार्य से हटाकर उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि बिजली चोरी की सूचना नहीं देने पर दो कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। इधर जिलाधिकारी ईवा आशीष ने इस संबंध में सभी उपजिलाधिकारियों को उनके क्षेत्र में जहां पर भी विद्युत चोरी की शिकायतें मिल रही है उन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विद्युत कर चोरी का पहला मामला भिकियासैंण का है। उपजिलाधिकारी गौरव चटवाल ने बताया कि बिजली चोरी मामले में उपखंड अधिकारी सुनील कुमार से जांच कराई गई। जिसमें उस क्षेत्र में तैनात उमेश चंद को बिजली चोरी की सूचना की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं देने का दोषी पाया गया। इस मामले में निर्देश के बाद अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पावर कारपोरेशन विद्युत वितरण खंड मो. अफजल ने उमेश चंद्र को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उनको उप संस्थान मानिला से उप संस्थान मासी स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं दूसरा मामला मौलेखाल का है। जहां उपखंड अधिकारी मौलेखाल सौरभ जोशी ने सल्ट थाने में प्रफुल्ल कुमार नैनवाल पर किरायेदार गोविंद सिंह के सहयोग से बिजली चोरी करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसके बाद अधिशासी अभियंता मो. अफजाल ने मैसर्स गुरुकृपा इंजीनियररिंग एंड कंसट्रक्शंस दुर्गा सिटी हल्द्वानी को पत्र भेजकर बताया कि उनके कर्मचारी गोविंद सिंह को बिजली चोरी करने और कराने का दोषी पाया गया है। जिस पर कार्रवाई करते हुए उसे लाइन मैन के कार्य सगे हटाकर उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। जबकि उप संस्थान में पर तैनात कर्मचारी त्रिलोक सिंह को चोरी की सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं देने का दोषी मानते हुए उप संस्थान मानिला से उप संस्थान स्याल्दे स्थानांतरित कर दिया गया है।