अल्मोड़ा। इस बार जाड़ों में बारिश काफी कम हुई। किसानों की रबी की फसल का उत्पादन भी इस बार काफी गिर गया है। पिछले दिनों कृषि विभाग ने भी सर्वे कर जिले में 20 से 25 प्रतिशत नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तैयार की थी। जिसमें जिले के सल्ट, भिकियासैंण, धौलादेवी और रानीखेत क्षेत्र को काफी संवेदनशील माना गया था। कृषि विभाग का कहना है कि अब अगर फिर अच्छी बारिश नहीं होती है तो कृषि विभाग एक बार फिर टीम तैयार कर सर्वे शुरू करेगी।
जिले में लगभग 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खेती की जाती है, लेकिन अन्य सालों की अपेक्षा जाड़ों में बारिश कम होने से किसानों की रबी की फसल को इस बार काफी नुकसान पहुंचा है। करीब एक माह पूर्व बारिश के साथ ओले गिरने से रही सही कसर भी पूरी कर दी। इससे पूर्व जनवरी में कृषि विभाग, राजस्व और उद्यान विभाग ने तहसील और जिला स्तर पर टीमों का गठन कर सर्वे किया था। जिसमें जिले में 20 से 25 प्रतिशत नुकसान के आकलन कर रिपोर्ट तैयार की गई थी। टीम द्वारा सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में सल्ट, भिकियासैंण,धौलादेवी, रानीखेत को रखा गया। उसके बाद से फिर बारिश नहीं हुई। जबकि अभी रबी की फसल तैयार हो रही है और खेती के लिए किसानों को पर्याप्त मात्र में पानी चाहिए। खासकर असिंचित क्षेत्र में पानी की कमी होने से किसानों की खेती पर संकट पैदा होने की संभावना है।
जिले के सोमेश्वर, धौलादेवी, भैंसियाछाना, रानीखेत, चौखुटिया, सल्ट, भिकियासैंण आदि क्षेत्रों में काफी अच्छी खेती होती है। इनमें भिकियासैंण, रानीखेत, ताड़ीखेत, रानीखेत और धौलादेवी के अधिकांश क्षेत्रों में सिंचाई की पर्याप्त सुविधा नहीं है और यहां अधिकतर असिंचित क्षेत्र में कृषि की जाती है। फल्यां अर्जुनराठ सोमेश्वर निवासी किसान शिवेंद्र बोरा बताते हैं कि इस बार अपेक्षाकृत कम बारिश होने से रबी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल तैयार होने में दिक्कत आ रही है। नकुड़ा निवासी किसान दीवान सिंह का कहना है कि गेहूं, जौ, मटर, मसूर, राई, सरसों की फसलों की पैदावार इस बार अच्छी नहीं रही। एक तो गूलें समय से ठीक नहीं होती हैं दूसरा कई नहरें बंद पड़ी हैं। ऊपर से बारिश नहीं होने से खेती पर दोहरा संकट पैदा हो गया है।
इधर मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह का कहना है कि कम बारिश होने के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए नुकसान पर एक सर्वे रिपोर्ट पूर्व में जिलाधिकारी को सौंप दी थी। कुछ दिन और इंतजार करने के बाद भी अगर बारिश नहीं होती है तो 20- 25 दिन बाद फिर सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।