अल्मोड़ा। गर्मी शुरू होने लगी है डेढ़ माह हो गए विभिन्न विकासखंडों में पानी की किल्लत दूर करने के लिए लगाए गए कई हैंडपंप अभी भी खराब हैं। विभाग का कहना है कि दूसरे जिले से तकनीशियनों को बुलाया गया है। यही हाल रहा तो ग्रामीण इलाकों में लोग पेयजल किल्लत से परेशान रहेंगे।
गर्मी का सीजन शुरू हो गया है। इन दिनों दिन में तेज धूप खिल रही है। गर्मी लगातार बनी रही तो ग्रामीण इलाकों मेें जल स्रोतों के सूखने का भी अंदेशा बढ़ जाता है। यही हाल नौलों और धारों का भी है। पानी की किल्लत से लोगों को बचाने के लिए सरकार के निर्देश पर विभाग ने विभिन्न विकासखंडों में जनसंख्या के आधार पर हैंडपंप लगाए थे। कुछ समय तक पंपों ने सही काम किया, लेकिन अधिकतर हैंडपंप या तो खराब हो गए हैं या फिर उनमें से पानी नहीं आ रहा है। भैंसियाछाना, हवालबाग, धौलादेवी, लमगड़ा, ताकुला आदि ब्लॉकों में पिछले डेढ़ माह से 13 हैंडपंप खराब थे। अमर उजाला में खबर छपने के बाद विभाग ने आंगणन बनाने के बाद तकनीशियनों को बुलाकर पांच हैंडपंप कुछ दिन पहले ही ठीक कराए हैं। लेकिन अभी भी आठ हैंडपंप खराब हैं। जबकि कुमाऊं मंडल आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने 15 दिन पहले अल्मोड़ा दौरे में जल संस्थान को गर्मियों में पेयजल की उचित व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही खराब हैंडपंपों को जल्द ठीक करा लेने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके काम काफी ढिलाई से चल रहा है। अभी भी जागेश्वर, लमगड़ा, भनौली, जैंती, सोमेश्वर आदि ब्लॉकों में आठ हैंडपंप खराब पड़े हैं। इधर जल संस्थान के अवर अभियंता संतोष दुर्गापाल का कहना है कि विभाग ने टनकपुर से तकनीशियनों को बुलाकर हैंडपंप ठीक कराने का काम शुरू कर दिया है। कुछ दिनों में खराब सभी हैंडपंप दुरुस्त कर लिए जाएंगे।