अल्मोड़ा। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रदेश में मॉडल पेपरों में पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयों में 180 दिन पढ़ाई अनिवार्य रूप से होगी और सभी महाविद्यालयों में शौर्य दिवस के साथ झंडा फहराना और प्रार्थना के वक्त राष्ट्रीयगान अनिवार्य होगा। कुविवि एसएसजे परिसर में विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं में नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताते हुए परिसर निदेशक और प्राचार्यों को डीएम और एसएसपी के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्ष से सभी महाविद्यालयों में एक ही दिन छात्र चुनाव कराए जाने के प्रयास होंगे ताकि पढ़ाई में व्यवधान न हो।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में कार्यरत प्रोफेसर को मकान बनाने के लिए जिला सहकारी बैंक सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराएगा। यदि कोई छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाएगा तो 50 लाख रुपये और आईआईटी के लिए 30 लाख रुपये शिक्षा ऋण दिया जाएगा। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से अपने विभाग में प्रतिमाह दो दिन छात्र-छात्राओं के साथ मन की बात करने को कहा। उन्होंने बताया कि 11 अथवा 15 सितंबर को स्वामी विवेकानंद की शिकागो यात्रा के 125 वर्ष पूरे होने पर देश के प्रधानमंत्री सभी महाविद्यालयों के साथ मन की बात टेलीविजन के माध्यम से करेंगे। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि महाविद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
उन्होंने नशे की बढ़ रही प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए अभिभावकों से भी सहयोग देने को कहा। परिसर निदेशक प्रो.आरएस पथनी ने परिसर की समस्याओं के बारे में मंत्री को बताया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल समेत परिसर के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।